Rekha Bhardwaj Ram Sita Скачать
Текст песни
रुत बसंती छा गईल बा चारों ओर
पतझड़ के झोंका से मौसमवा सराबोर
मौसम बा सराबोर
राम सीता संग द्वारे पे खड़े हैं, आओ सखी
राम सीता संग द्वारे पे खड़े हैं, आओ सखी
कोई चूटी काटो आके, आए ना किस्मत पे यकीन
पैरों से तेरे हुआ रोशन
आँगन के दीये पड़े मद्धम
(दिल का रिश्ता के आगमन बा)
(खुशियों से चहके ई मनवा)
(कितना संजोग से आईल बा दुवारे)
(दिल का रिश्ता के आगमन बा)
(खुशियों से चहके ई मनवा)
(कितना संजोग से आईल बा दुवारे)
(कितना संजोग से आईल बा दुवारे)
कुसुम रंगों में लगे तू प्यारी
घर का आँगन तो लगे फुलवारी
कुसुम रंगों में लगे तू प्यारी
घर का आँगन तो लगे फुलवारी
आए कुमकुम पैरों से चलके
रोके ना रुके नयन हैं ये छलके
मेरी आँखों की मेरे होंठों से हो गई अनबन
आनी वाली ख़ुशी का दिल को मेरे दे आश्वासन
आँखों के तारे में पाया आखों का तारा
राम सीता संग द्वारे पे खड़े हैं, आओ सखी
कोई चूटी काटो आके, आए ना किस्मत पे यकीन
पैरों से तेरे हुआ रोशन
आँगन के दीये पड़े मद्धम