logo MP3
head_logo

Lalbaugchaa Raajaa Parichay Sai Bhajan Mandal Traditional Ganesh Aarti By Lalbaugchaa Raajaa Parichay Sai Bhajan Mandal Скачать

main img

Lalbaugchaa Raajaa Parichay Sai Bhajan Mandal

Traditional Ganesh Aarti By Lalbaugchaa Raajaa Parichay Sai Bhajan Mandal

Слушать
Скачать песню

Текст песни

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची

जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ती, हो श्री मंगलमूर्ती
दर्शनमात्रे मन कामनांपुरती, जय देव जय देव

रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा
हिरेजड़ित मुकुट शोभतो बरा
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरीया

जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ती, हो श्री मंगलमूर्ती
दर्शनमात्रे मन कामनांपुरती, जय देव जय देव

लंबोदर पीतांबर फणीवर बंधना
सरळ सोंड वक्रतुण्ड त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावें, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना

जय देव जय देव, जय मंगलमूर्ती, हो श्री मंगलमूर्ती
दर्शनमात्रे मन कामनांपुरती, जय देव जय देव

लवथवती विक्राळा ब्रह्मांडी माळा
वीषें कंठ काळा त्रिनेत्रीं ज्वाळा
लावण्यसुंदर मस्तकीं बाळा
तेथुनियां जल निर्मळ वाहे झुळझूळा

जय देव जय देव, जय श्रीशंकरा, हो स्वामी शंकरा
आरती ओवाळूं, भावर्थी ओवाळूं तुज कर्पूरगौरा, जय देव जय देव

कर्पूरगौरा भोळा नयनीं विशाळा
अर्धांगीं पार्वती सुमनांच्या माळा
विभुतीचें उधळण शितिकंठ नीळा
ऐसा शंकर शोभे उमावेल्हाळा

जय देव जय देव, जय श्रीशंकरा, हो स्वामी शंकरा
आरती ओवाळूं, भावर्थी ओवाळूं तुज कर्पूरगौरा, जय देव जय देव

देवीं दैत्यीं सागरमंथन पै केलें
त्यामाजीं जें अवचित हळहळ सापडले
तें त्वां असुरपण प्राशन केलें
नीळकंठ नाम प्रसिद्ध झालें

जय देव जय देव, जय श्रीशंकरा, हो स्वामी शंकरा
आरती ओवाळूं, भावर्थी ओवाळूं तुज कर्पूरगौरा, जय देव जय देव

व्याघ्रांबर फणिवरधर सुंदर मदनारी
पंचानन मनमोहन मुनिजनसुखकारी
शतकोटीचें बीज वाचे उच्चारी
रघुकुलटिळक रामदासा अंतरीं

जय देव जय देव, जय श्रीशंकरा, हो स्वामी शंकरा
आरती ओवाळूं, भावर्थी ओवाळूं तुज कर्पूरगौरा, जय देव जय देव

दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी
वारी वारीं जन्ममरणाते वारी
हारी पडलो आता संकट नीवारी

जय देवी जय देवी महिषासुर मदनी
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी, जय देवी जय देवी

त्रिभुवनी भुवनी पाहतां तुज ऎसे नाही
चारी श्रमले परंतु न बोलवे काहीं
साही विवाद करितां पडिले प्रवाही
ते तूं भक्तालागी पावसि लवलाही

जय देवी जय देवी महिषासुर मदनी
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी, जय देवी जय देवी

प्रसन्न वदने प्रसन्न होसी निजदासां
क्लेशापासूनि सोडी तोडी भवपाशा
अंबे तुजवांचून कोण पुरविल आशा
नरहरि तल्लिन झाला पदपंकजलेशा

जय देवी जय देवी महिषासुर मदनी
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी, जय देवी जय देवी

घालीन लोटांगण, वंदीन चरण
डोळ्यांनी पाहीन रुप तुझें
प्रेमें आलिंगन, आनंदे पूजिन
भावें ओवाळीन म्हणे नामा

त्वमेव माता पिता त्वमेव
त्वमेव बंधूचं सखा त्वमेव
त्वमेव विध्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देवदेव

कायेन वाचा मनसेंद्रीयेव्रा
बुद्धयात्मना वा प्रकृतिस्वभावात
करोमि यध्य्त सकलं परस्मे
नारायणायेति समर्पयामि

अच्युतं केशवं रामनारायणं
कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरि
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं
जानकीनायकं रामचंद्र भजे

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे

मोरया रे, बाप्पा मोरया रे
मोरया रे, बाप्पा मोरया रे
मोरया रे, बाप्पा मोरया रे
मोरया रे, बाप्पा मोरया रे
मोरया रे, बाप्पा मोरया रे
मोरया रे, बाप्पा मोरया रे
मोरया रे, बाप्पा मोरया रे

गणपती बाप्पा मोरया
गणपती बाप्पा मोरया
गणपती बाप्पा मोरया
गणपती बाप्पा मोरया

На странице доступен трек Traditional Ganesh Aarti By Lalbaugchaa Raajaa Parichay Sai Bhajan Mandal от Lalbaugchaa Raajaa Parichay Sai Bhajan Mandal. Слушайте онлайн или загрузите в один клик бесплатно на свое устройство.