Faheem Abdullah Aawaara Angaara Скачать
Faheem Abdullah
Aawaara Angaara
Текст песни
तेरी काएनात, मेरे ख़ाली हाथ
और तार-तार सपनें
गए ज़ख़्म जाग, मेरे सीने आग
लगी साँस-साँस तपने
तेरी काएनात, मेरे ख़ाली हाथ
और तार-तार सपनें
दर्दों से चूर, ग़म का ग़ुरूर
कहूँ क्या मैं हाल अपने?
आवारा, आवारा, आवारा अंगारा
रातों में डूबा अंबर का बंजारा
जाने टूटा क्यूँ, मैं शीशा ना तारा
तेरी काएनात, मेरे ख़ाली हाथ
और तार-तार सपनें
गए ज़ख़्म जाग, मेरे सीने आग
लगी साँस-साँस तपने
कोई उधारी है, सीने पे भारी है
पत्थर है या दिल है?
मैं ही अकेला हूँ, मैं ही तो मेरा हूँ
ये कैसी महफ़िल है?
रूठे सवेरे हैं, आधे ही मेरे हैं
आधे हैं ये तेरे
तू है निगाहों में, लावा है आहों में
पर सर्द शाम घेरे
आवारा, आवारा, आवारा अंगारा
आँसू हैं मेरे या पिघला है पारा?
जाने टूटा क्यूँ, मैं शीशा ना तारा
मेरा इम्तिहान तू जो ले रहा है
अब ना रिआयतें कर
मैंने इश्क़ सीखा, मैंने प्यार सीखा
तू चाहे नफ़रतें कर
मैंने दिल दिया है, मैंने दुख लिया है
तू सौदाई मान ले, पर
मेरा इम्तिहान तू जो ले रहा है
अब ना रिआयतें कर
आवारा, आवारा, आवारा अंगारा (अंगारा)
रातों में डूबा अंबर का बंजारा (बंजारा)
जाने टूटा क्यूँ, मैं शीशा ना तारा
मेरा इम्तिहान तू जो ले रहा है
अब ना रिआयतें कर
मैंने इश्क़ सीखा, मैंने प्यार सीखा
तू चाहे नफ़रतें कर
Треки от исполнителя