Amit Mishra Marham Скачать
Текст песни
मरहम-मरहम तू मेरा, रहम-ओ-करम तू मेरा
तू बंदगी है, तू ही तो खुदा
तू बेहिसाब मुझमें, मेरा माहताब तुझमें
तू ज़िंदगी है, तू ही हमनवा
तू मेरा ख़्वाब बनके मेरी आँखों में बस जा
महसूस करूँ जिसे हर पल, मेरी साँसों में बस जा
तू मेरी रहबरी है, तुमसे ही दिलबरी है
हर दुआ की तू बन गई रज़ा, हाँ
तू मेरी रहबरी है, तुमसे ही दिलबरी है
हर दुआ की तू बन गई रज़ा
हाँ, हाँ, हाँ
तुझसे ही रोशन हैं मेरी राहें, मंज़िल का मेरे तू पता
तेरी नज़र से खुद को निहारूँ, मैं भी अब मैं सा ना रहा
खामोशी में भी मेरी तू सुन लेता है सदा
जो कर पाई ना चाहत मेरी लफ़्ज़ों में यूँ बयाँ, ओ
तू मेरी रहबरी है, तुमसे ही दिलबरी है
हर दुआ की तू बन गई रज़ा, हाँ
तू मेरी रहबरी है, तुमसे ही दिलबरी है
हर दुआ की तू बन गई रज़ा
हाँ, whoa, हाँ
तू ही है शामिल धड़कन में मेरी, खुशबू घुली है साँसों में
मेरे लबों पे तेरी कहानी, तेरा नशा है आँखों में
तुझसे ही है मुकम्मिल मेरे ख़ाबों का मकाँ
तेरे बिना ना मैं हूँ, ना है मेरा ये जहाँ, ओ
तू मेरी रहबरी है, तुमसे ही दिलबरी है
हर दुआ की तू बन गई रज़ा, हाँ
तू मेरी रहबरी है, तुमसे ही दिलबरी है
हर दुआ की तू बन गई रज़ा
हाँ, ah, हाँ